अकाल मौत वो मरे,
जो काम करे चंडाल का..!
काल भी उसका क्या बिगाड़े,
जो भकत हो #महाकाल का..!
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धन्य धन्य #भोलानाथ तुम्हारी,
#कोडी नही #खजाने मे,
तीन लोक #बसती मे बसा कर,
आप रहे #बीराने मे..!!
जहाँ पर आकर लोगों की #नवाबी ख़त्म हो जाती है,
बस वहीं से #महाकाल के #दीवानों की #बादशाही शुरू होती है..!
मै योग निद्रां मे शम्भु हु.....
निद्रां के बहार शंकर.....
और जाग गया तो रुद्र हु..!



